(N/A) उपरोक्त अंतर निम्नलिखित हैं:
$(a)$ अभिवाही और अपवाही तंत्रिका कोशिकाएं: अभिवाही तंत्रिकाएं आवेगों को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की ओर ले जाती हैं, जबकि अपवाही तंत्रिकाएं आवेगों को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से दूर ले जाती हैं। अभिवाही तंत्रिकाएं संवेदी होती हैं, जबकि अपवाही तंत्रिकाएं प्रेरक (motor) होती हैं।
$(b)$ माइलिनयुक्त और माइलिनरहित तंत्रिका तंतु: माइलिनयुक्त तंतुओं में आवेग का संचरण रेनवियर के नोड्स के माध्यम से कूदते हुए (saltatory conduction) होता है, जो तीव्र होता है। माइलिनरहित तंतुओं में आवेग का संचरण निरंतर और धीमा होता है।
$(c)$ जलीय द्रव और काचाभ द्रव: जलीय द्रव लेंस और कॉर्निया के बीच स्थित एक पारदर्शी जलीय द्रव है। काचाभ द्रव लेंस और रेटिना के बीच स्थित एक गाढ़ा, जेली जैसा पारदर्शी द्रव है।
$(d)$ अंध बिंदु और पीत बिंदु: अंध बिंदु रेटिना पर वह स्थान है जहाँ से ऑप्टिक तंत्रिका बाहर निकलती है, यहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिकाएं नहीं होतीं। पीत बिंदु रेटिना का वह स्थान है जहाँ शंकु कोशिकाएं (cones) अधिक होती हैं और यहाँ सबसे स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है।
$(e)$ कपाल तंत्रिकाएं और मेरुरज्जु तंत्रिकाएं: कपाल तंत्रिकाएं मस्तिष्क से निकलती हैं और इनकी $12$ जोड़ियां होती हैं। मेरुरज्जु तंत्रिकाएं मेरुरज्जु से निकलती हैं और इनकी $31$ जोड़ियां होती हैं।